*जैतून के औषधीय गुण, अचार एवं साग बनाने व चेहरे पर लगाने से रंग निखरता है, बढ़ती है सुंदरता !!! #kangralive*
July 8th, 2017 | 59 Views

जैतून (OLIVE ) –

इन वृक्षों के फलों से तेल निकाला जाता है । कच्चे फलों का प्रयोग अचार एवं साग बनाने के लिए किया जाता है। आईये जानते हैं जैतून के विभिन्न औषधीय गुण –

१- जैतून के कच्चे फलों को जलाकर,उसकी राख में शहद मिलाकर,सिर में लगाने से सिर की गंज तथा फुंसियों में लाभ होता है |

२-पांच मिली जैतून पत्र स्वरस को गुनगुना करके उसमें शहद मिलाकर १-२ बूँद कान में डालने से कान के दर्द में आराम होता है |

३- जैतून के कच्चे फलों को पानी में पकाकर उसका काढ़ा बना लें | इस काढ़े से गरारा करने पर दांतों तथा मसूड़ों के रोग मिटते हैं तथा इससे मुँह के छाले भी ख़त्म होते हैं |

४- जैतून के तेल को छाती पर मलने से सर्दी,खांसी तथा अन्य कफज-विकारों का शमन होता है |

५- जैतून के तेल की मालिश से आमवात,वातरक्त तथा जोड़ों के दर्द में आराम मिलता है |

६- जैतून के पत्तों के चूर्ण में शहद मिलाकर घावों पर लगाने से घाव जल्दी भरते हैं |

७- जैतून के कच्चे फलों को पीसकर लगाने से चेचक तथा दुसरे फोड़े फुंसियों के निशान मिटते हैं| अगर शरीर का कोई भाग अग्नि से जल गया हो तो यह लेप लगाने से छाला नहीं पड़ता |

८- जैतून के पत्तों को पीसकर लेप करने से पित्ती,खुजली और दाद में लाभ होता है |

९- जैतून के तेल को चेहरे पर लगाने से रंग निखरता है तथा सुंदरता बढ़ती है |